वैज्ञानिको की कोशिश है, मंगल पर पहुचने की...सोचने की बात ये है कि मंगल पर पहुच भी गये तो होगा क्या...मजा तो तब है जब मंगल को धरती पर ले आये....और ये विज्ञान के जरिये नही..ज्ञान के जरिये संभव होगा..ज्ञान और विज्ञान का भेद मिटाते हुए एक ही बात पूछनी है कि एेसी खोजो मे समय और पैसा नष्ट किये जाने से बेहतर है...कि ऐसी कोशिश की जाये की इस धरती पर मंगल ही मंगल हो...ऐसी वैज्ञानिक खोजो से हमे क्या मतलब, हमे तो उस अलौकिक घटना से मतलब है, जब इंसान..इंसान के करीब आ जाये.........
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