पिता.. ...जोकि एक ऐसा मुहाफ़िज होता हे जो सारी ज़िन्दगी परिवार की हिफाज़त करता हे, हर तकलीफ, दुःख और मुसीबत से। माँ का महिमामंडन तो बहुत किया गया हे मगर पिता के बारे में कम ही लिखा जाता हे। कभी सख्त तो कभी नरम अंदाज़ में बच्चो को अनुशासन और व्यवहारिकता का पाठ पढ़ाते पापा परिवार की रीढ़ होते हे। बच्चो के लिए शक्ति स्तम्भ। हर परिस्थिति में सबको सम्भालना उनकी पहली जिम्मेदारी हे। परिवार के प्रति जिम्मेदारी और लगाव का भाव तो शुरू से ही रहा हे मगर इस बदलते दौर में पापा और बच्चो के बीच के सम्बन्ध और ज्यादा मजबूत और सहज हुए हे। आज बेटो के साथ साथ आगे बढती हुई बेटियों की उपलब्धिया भी पापा को खूब गौरवान्वित करती हे। ये देखकर ख़ुशी होती हे की आज पिता बेटियों को भी सिर्फ भावनात्मक ही नही बल्कि व्यवहारिक धरातल पर भी आत्मविश्वास के साथ जीना सिखा रहे हे। वाकई ये सुखद बदलाव हे। इस फादर्स डे ऐसे सभी स्नेहिल पिताओ को सलाम।
Happy father's day.
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Saturday, 17 June 2017
अनमोल रिश्ता
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