दुआ पहुची हे तो फिर पूरी जाएगी,
मुश्किल ही सही राह फिर भी निकल ही आएगी।
दौरे बहारा ज़िन्दगी में फिर लौट आएगी,
रात गहरी ही सही मगर सुबह आएगी।
वक़्त बदलने में वक़्त नही लगता,
खुशिया जो मिलेगी तो समेटी ना जाएगी।
हे इम्तिहान सख्त तो रहमत भी बड़ी होगी,
रब..के खजाने में कमी हे ना आएगी।
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